उदयपुर आकाशवाणी के "लालस कोविड" की समाचार कथा अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड के लिए चयनित

  

वैश्विक महामारी (Epidemic) घोषित हो चुके कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देश-प्रदेश में किए जा रहे सरकारी और गैर सरकारी प्रयास न सिर्फ सफल साबित हो रहे हैं अपितु राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिला रहे हैं. एक ऐसा ही प्रयास उदयपुर (Udaipur) आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्रसिंह लालस द्वारा निर्मित एक समाचार कथा है जिसे अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड की सूची में सम्मिलित किया गया है.
प्राप्त जानकारी अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय प्रसारणों में भूमिका निभा चुके आकाशवाणी उदयपुर (Udaipur) के कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह लालस द्वारा कोरोना जागरूकता कार्यक्रमों के तहत निर्मित समाचार कथा 'कोविड की जंग, उदयपुर (Udaipur) के एक परिवार के संग', को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है. इंग्लैंड स्थित एसोसिएशन फॉर इंटरनेशनल ब्राडकास्टिंग ने अपने एआईबी 2020 अवार्ड की सूची में लालस, आकाशवाणी और भारत की इस प्रविष्टि को चयनित किया है. उदयपुर (Udaipur) के पहले कोविड रिपोर्टेड केस और उस परिवार के चार सदस्यों की इससे जंग लड़ने और जीतने की सच्ची घटना पर आधारित यह समाचार कथा इन दिनों देश-दुनिया में सराही जा रही है और यही वजह है कि अब इसे अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान का हकदार बना दिया है. कोरोना जागरूकता विषय पर तैयार इस प्रविष्टि को अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोरोना वॉरियर्स ने भी हर्ष व्यक्त किया है.
रेडियो और टीवी के सबसे सम्मानित अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए दुनिया भर से आईं प्रविष्टियों में भारत की इस प्रविष्टि के चयन पर इसके निर्माता और प्रस्तुतकर्ता महेंद्र सिंह लालस ने हर्ष जताते हुए कहा कि कोविड 19 के विरूद्ध हमारे देश, समाज, व्यवस्था, नागरिकों और मीडिया (Media) की जंग को इस माध्यम से दुनिया मे पहचान मिली है.
उल्लेखनीय है कि आकाशवाणी उदयपुर (Udaipur) के प्रतिभावान कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र सिंह लालस ने इससे पूर्व भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेडियो प्रसारणों में उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने ओलिंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व सैन्य खेल, विश्व कप हॉकी, एशियाई मार्शल आर्ट खेल इत्यादि खेलों के प्रस्तुतीकरण और आंखों देखा हाल सुनाने जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मीडिया (Media) जगत में अपनी अलग ही पहचान स्थापित की है.

स्रोत और श्रेय :- https://ift.tt/3mVUjlL
द्वारा अग्रेषित :- श्री. झावेंद्र कुमार ध्रुव
jhavendra.dhruw@gmail.com

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