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आकाशवाणी नजीबाबाद का स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलाकारों ने नृृत्य,गीत एवं गजल की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। आकाशवाणी नजीबाबाद का 39 वॉ स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सेवानिवृृत्त न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह, आकाशवाणी केन्द्र के सहायक निदेशक ( कार्यक्रम ) लोकेश शुक्ल व केन्द्र के उपमहानिदेशक राजेश कुमार ने मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप जलाकर किया। सबसे पहले आकाशवाणी नजीबाबाद के सहायक निदेशक( कार्यक्रम) लोकेश शुक्ल ने सुरो की जनकल्याणी है ये शब्दों की अमर कहानी ये आकाशवाणी है गीत प्रस्तुत किया।इसके बाद लोकेश शुक्ल और सनव्वर अली ने झूम के जब रिन्दों ने पिला दी, शेख ने चुपके-चुपके दुआ दी। सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटौरी। आकाशवाणी नजीबाबाद के पौड़ी से आये लोक कलाकार योगम्बर पोली व साथियों ने गढ़वाली लोकगीतों व लोक नृृत्यों की प्रस्तुत देकर अलग वातावरण बनाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। आकाशवाणी इलाहाबाद के ए ग्रेड लोक एवं सुगम संगीत कलाकार श्रीकांत वैश्य ने भजन और निर्गुण पदों की बड़ी खूबसूरत प्रस्तुत दी।

कार्यक्रम के अन्त में आकाशवाणी नजीबाबाद के मशहूर कव्वाल सरफराज साबरी और साथियों अमीर खुसरों साहब की रचना-छाप तिलक सब छीन ली रे मोसे नैना मिलाके, व अन्य सूफियाना रचनाएं एवं कव्वालियां पेश कर समा बांध दिया। इस मौके पर आकाशवाणी केन्द्र से जुड़े कलाकारों, वार्ताकारों, सेवा निवृृत्त अधिकारियों, व कर्मचारियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डा. अरूणदेव , डा. संदीप जोशी, सुन्दरलाल गन्धर्व, वाईएस रावत, दर्शन सिंह व शिव चरण चैधरी, सहित काफी लोग मौजूद थे।
बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट.

स्त्रोत :- http://ift.tt/2jNc9t7
द्वारा अग्रेषित :- श्री. जैनेन्द्र निगम, पी. बी. न्यूज़डेस्क, प्रसारभारती,newsdeskgmail.com

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