पहली बार 27 जनवरी के दिन पेश हुआ था टीवी, फिर दुनिया में हो गया सुपरहिट


जानिए कैसे 27 जनवरी  के दिन जॉन लॉगी बेयर्ड ने पहली बार लंदन में टीवी प्रसारण करके दिखाया. इसके बाद टीवी पूरी दुनिया पर कितनी अहम भूमिका निभा रहा है, वो किसी से छिपा नहीं है. हालांकि बेयर्ड टीवी बनाने से पहले कई काम करके उसमें नाकाम हो चुके थे

हम सभी के घर में टीवी जिस तरह खबरों से लेकर मनोरंजन और खेलों की दुनिया को परोसता है. बड़ी बड़ी घटनाओं का लाइव प्रसारण करता है और एक तरह हम सभी की जिंदगी में अनिवार्य तौर पर शामिल हो चुका है. पहली बार उसे 27 जनवरी  के दिन पेश किया गया था. इसके बाद ही संचार और मनोरंजन की दुनिया में क्रांति आ गई थी. जे एल बेयर्ड ने लंदन में पहला टीवी पेश किया. बेयर्ड ने तस्वीरें प्रसारित करने वाली एक मशीन सबसे सामने पेश की, जिसे उन्होंने "टेलीवाइजर" का नाम दिया.

दरअसल उनकी इस मशीन में घूमने वाली मेकैनिकल डिस्क लगी थीं, जो बदलती हुई तस्वीरों को स्कैन कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक आवेगों में बदल सकती थीं. यह जानकारी फिर तारों के जरिए स्क्रीन तक पहुंचती थी, जहां वह काफी कम रिजोल्यूशन वाले प्रकाश और छाया के एक खास पैटर्न जैसी दिखती थी. बेयर्ड ने अपने पहले टीवी प्रोग्राम में दो कठपुतलियों के सिर दिखाए थे.
जॉन लॉगी बेयर्ड का वो चेहरा, जो टेलीविजन पर प्रयोगों के दौरान सबसे पहले उभरा था. इसके बाद उन्हें विश्वास हो गया कि उन्होंने टीवी ब्राडकास्ट का सफल परीक्षण कर लिया है
1928 में सफल विदेशी टीवी प्रसारण किया
बेयर्ड पहले शख्स थे जिन्होंने पहचानी जा सकने वाली तस्वीरें पेश करने में सफलता हासिल की. बेयर्ड ने 1928 में पहला सफल ओवरसीज प्रसारण भी किया. फोन लाइन के जरिए सिग्नल लंदन से न्यूयॉर्क भेजे गए और इसी साल उन्होंने पहला रंगीन टीवी भी पेश किया. 

गरीब परिवार में पैदा हुएअब जानते हैं कि कौन थे जे एल बेयर्ड यानि जॉन लॉगी बेयर्ड. बेयर्ड का जन्म 13 अगस्त 1888 में ग्लासगो के निकट हैलन्सबर्ग में हुआ था. उनके पिता पादरी थे. लेकिन आर्थिक दिक्कतें बहुत ज्यादा थीं. बेयर्ड का बचपन अभावों के बीच गुजरा. पढ़ने में उनकी खास दिलचस्पी थी. उन दिनों उनके विद्यालय में फोटोग्राफी पर विशेष बल दिया जाता था. इसमें उनहोने इतनी रुचि दर्शायी और स्कूल में फोटोग्राफी के अध्यक्ष बन गए.

स्कूल में ही टीवी का छोटा रूप बना दिया था
बारह वर्ष की कम उम्र में बेयर्ड ने साथियों की मदद से दूरदर्शन लाइन का निर्माण किया. स्कूल के बाद उन्होंने ग्लासगो के रॉयल टैक्निकल कॉलेज में साइंस की पढ़ाई की. फिर उन्होंने एक इलैक्ट्रिकल कंपनी में इंजीनियर की नौकरी कर ली.

कई काम किए और उसमें नाकाम हुए
जब पहला विश्व युद्ध चल रहा था तब बेयर्ड ने जुराबें बनाने से लेकर जैम-चटनी बनाने तक कई काम किए. इसके बाद 1922 के आसपास बेयर्ड को लगा कि उन्होंने जो दूरदर्शन का हल्का फुल्का प्रयोग किया था, उसे वो आगे बढ़ा सकते हैं. वो तुरंत इस पर लग गए. उपकरण की योजना तैयार कर ली.
जॉन लॉगी बेयर्ड ने अपने जीवन में कई काम किए, जिसमें ज्यादातर में वो कामयाब नहीं हो पाए लेकिन उनकी टीवी का आविष्कार ना केवल सफल हुआ बल्कि दुनिया का चेहरा भी इसने बदलकर रख दिया
आखिरकार पहले टीवी ब्राडकास्ट में सफल हुए
कई महीनों के प्रयोग के बाद वो अपना पहला टीवी ट्रांसमिशन और उसे रिसीव करने में सफल हो गये. हालांकि इसके बाद भी ये परीक्षण चलता रहा. 1924 में उन्हें पहली बार ट्रांसमिशन को तीन गज की दूरी तक भेजने में कामयाबी मिली. 1925 में उन्होंने अपने उपकरण में प्रकाश को विद्युत किरणों में बदलने की युक्ति खोजी. जब उन्होंने स्विच ऑन किया तो खुद चकित रह गए. उपकरण में दृश्य का पूरा चेहरा अभर आया था. ये बड़ी सफलता थी. इस तरह बेयर्ड को मानवाकृति को ब्राडकास्ट करने में सफलता मिल गई थी. 1926 में उन्होंने सबसे सामने इसका प्रसारण करके दिखाया. इसके बाद उनका काम परिष्कृत होता गया. इसके लिए और विकसित उपकरण लिये गए.इसके बाद दुनिया में रंगीन टीवी का प्रसारण शुरू हुआ. समय के साथ ये और मजबूत और बेहतर हुआ.

स्रोत और श्रेय :- https://ift.tt/2tJSQsR
द्वारा अग्रेषित :- श्री. श्री. झावेंद्र कुमार ध्रुव
jhavendra.dhruw@gmail.com

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