मलिन बस्तियों के बच्चों के लिए आकाशवाणी लखनऊ के ध्रुपद कलाकार पं.विनोद कुमार द्विवेदी का अद्वितीय योगदान







बच्चो में असीम प्रतिभा एवं संभावनाएं होती हैं। वे परिस्थितियो के मोहताज़ नही होते ।कानपुर शहर के बाहरी इलाके दादा नगर पुल के पास हर मंगलवार की शाम एक रोचक और प्रेरणादायक आयोजन हो रहा है।वहां एकत्र होकर लगभग 155 ऐसे बच्चे , जो कूड़ा बीनकर या भीख मांगकर अपना गुजारा मलिन बस्तियो में रहकर किया करते हैं इन दिनों अपने जीवन के एक अद्भुत और अकल्पनीय दौर से गुज़र रहे हैं । आकाशवाणी लखनऊ के वरिष्ठ ध्रुपद गायक कलाकार पं.विनोद कुमार द्विवेदी और उनके कुछ साथी पिछले कुछ दिनों से इन बच्चों को विद्या दान,सिलाई कढ़ाई प्रशिक्षण के साथ नि: शुल्क संगीत की भी शिक्षा दे रहे हैं।वह दृश्य मनोहारी था जब समूह रुप में बच्चे इस रचना को समवेत स्वर में तैयार कर रहे थे।
"देश हमें देता है सब कुछ,हम भी तो कुछ देना सीखें।हम मेहनत के दीप जलाकर,नया उजाला करना सीखें।"
पं.विनोद कुमार द्विवेदी बताते हैं कि "आज उन बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और संगीत के साथ उनका यह ताल मेल ही नहीं उन सभी का इतनी तन्मयता से इस आयोजन में बैठना मुझे अत्यंत संतोष एवं आनंद का अनुभव दे रहा है ।" इस आयोजन में उनका साथ उनकी दोनों संतानें प्रीति आशुतोष शुक्ला, अनुज द्विवेदी और पत्नी रंजना द्विवेदी तो दे ही रहे हैं ,श्री मनमोहन सिंह भी सपरिवार जुटे हुए हैं जो इन सारे बच्चो की शिक्षा , जलपान तथा मूलभूत आवश्यकता की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
प्रसार भारती परिवार को ऐसे कलाकारों पर नाज़ है।
स्त्रोत-पं.विनोद कुमार द्विवेदी की फेसबुक पोस्ट।
ब्लॉग रिपोर्ट-प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, लखनऊ।ईमेल;darshgrandpa@gmail.comhttps://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2039577549471533&id=100002579226431

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