डॉ सुनील केशव देवधर को हिंदी संस्थान का 'सौहार्द पुरस्कार' घोषित ।




उत्तर प्रदेश का हिंदी संस्थान हिंदी भाषा के विकास और संवर्धन के लिए विभिन्न राज्यों में काम करने वालों के सम्मान में हर साल विभिन्न पुरस्कारों की घोषणा करता है।2018 का पुरस्कार अभी घोषित किया गया । डॉक्टर सुनील केशव देवधर को हिंदी संस्थान का 'सौहार्द पुरस्कार' घोषित किया गया । दो लाख रुपये, एक प्रमाण पत्र इस पुरस्कार का रूप है।

डॉ देवधर ने 38 वर्षों तक आकाशवाणी में काम किया। वह आकाशवाणी के सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए। निवेदकसे सहायक निदेशक तक की उनकी यात्रा एक कलाकार के रूप में एक संवेदनशील कवि के साथ-साथ एक कर्मठ प्रशासक के रूप मैँ भी परिचित है।

डॉ देवधरजीने आकाशवाणी मैं हिंदी कार्यक्रमको एक अलग ऊंचाई दी और एक अलग पहचान बनायीं हैं। उनमे 'कलश', 'बडे अनमोल हे गीतों के बोल', 'जिंदा कहानिया' कार्योक्रमोंका विशेष रूप से उल्लेख किया जा सकता है। 

डॉ. देवधर द्वारा दिग्दर्शित 'अभी अभी आया वसंत' इस डॉक्युमेंटरीको 'ऑल इंडिया रेडिओ' का प्रथम पुरस्कारभी मिला हैं। अनुवाद और मूल लेखन मैं उनके सत्रह अठारह प्रसिद्ध पुस्तक है। आकाशवाणी पुणे केंद्रसे सहायक निदेशक के रूप मैं रिटायर होने के बाद डॉ देवधर ,छात्रों को अपने ज्ञान का लाभ देने हेतु विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में अतिथि प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे हैं।वह सूत्रसंचालक अनुवादक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। 'डबींग आणि व्हाईस ओव्हर' के क्षेत्र में देवधरजी का काम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्हें अभिनय का शौक है और उन्होंने लघु फिल्म 'जरीन का क्या कहना' में भी काम किया है।

प्रसार भारती परिवार की के सभी सदस्यों की ओर से डॉ सुनील केशव देवधर को हार्दिक बधाई और बहुत शुभकामनाये।

Subscribe to receive free email updates:

Related Posts :